सतना के नागौद ब्लॉक में मीजल्स से दो वर्षीय बच्ची की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। जांच में संक्रमण बड़ी बहन से फैलने की पुष्टि हुई। गांवों में सर्वे और अतिरिक्त टीकाकरण अभियान शुरू किया गया।
रीवा स्वास्थ्य विभाग में लोकल पर्चेज के नाम पर लाखों की दवा खरीदी और भुगतान को लेकर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। शिकायत कलेक्टर और कमिश्नर तक पहुंचने के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई और जांच आगे नहीं बढ़ सकी।
मध्यप्रदेश में निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम को इलाज, जांच, भर्ती और आईसीयू सहित सभी सेवाओं की रेट लिस्ट सार्वजनिक करना अनिवार्य किया गया। नियम उल्लंघन पर कार्रवाई और लाइसेंस निरस्तीकरण तक की चेतावनी दी गई।
सतना जिला अस्पताल में थैलीसीमिया बच्चों को संक्रमित रक्त चढ़ाने के मामले की जांच तेज हो गई है। प्रशासन ने 196 संदिग्ध डोनरों की सूची तैयार कर दोबारा एचआईवी जांच शुरू कराई, जबकि कई डोनरों तक पहुंचना चुनौती बना हुआ है।
सतना में एनएचएम के 347 संविदा कर्मियों का करीब 6 करोड़ रुपये पीएफ गायब होने का मामला सामने आया है। राज्यस्तरीय टीम ने जांच शुरू कर दी, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग तेज।
रीवा-मऊगंज की बिगड़ी स्वास्थ्य सेवाओं पर भोपाल सख्त हुआ है। 26 अप्रैल को एसीएस और 27 अप्रैल को हेल्थ कमिश्नर औचक निरीक्षण करेंगे। विभाग में दवा खरीदी जांच को लेकर खलबली है।
जबलपुर में CMHO ने नियमों की अनदेखी करने वाले 5 अस्पतालों और 121 क्लीनिकों का पंजीयन रद्द कर संचालन बंद करने के आदेश दिए हैं। जानें किन अस्पतालों पर हुई कार्रवाई।
सतना के मझगवां में मासूम की मौत पर स्वास्थ्य विभाग में मतभेद, सीएमएचओ ने दूध फंसने को कारण बताया, जबकि डीआईओ ने कुपोषण जिम्मेदार ठहराया, जांच में लापरवाही और सरकारी योजनाओं की कमी उजागर हुई।
सतना में एचपीवी टीकाकरण अभियान में लापरवाही पर 50 स्वास्थ्य कर्मियों को नोटिस जारी किया गया। लक्ष्य अधूरा रहने पर वेतन कटौती, निलंबन और अनुबंध समाप्ति की चेतावनी प्रशासन ने दी है।
सतना जिले के 267 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को दो वर्षों से 4 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि नहीं मिली। नाराज सीएचओ ने जिला लेखा प्रबंधक कार्यालय का घेराव कर चेतावनी दी कि मार्च तक भुगतान नहीं हुआ तो ऑनलाइन कार्य बंद करेंगे।






















